ई-शॉपिंग के मामले में मेट्रो सिटीज को पछाड़ आगे निकले छोटे शहर

नई दिल्ली। मेट्रो शहरों से निकलकर ई-कॉमर्स कंपनियों की पहुंच छोटे और मझोले शहरों में मजबूत हो रही है। इस त्योहारी सीजन में ई-कॉमर्स कंपनियों के अब तक के बिक्री आंकड़े बता रहे हैं कि दो तिहाई बिक्री गैर मेट्रो शहरों में हुई है। ई-कॉमर्स के जरिये बिक्री पर हुए अध्ययनों से यह तथ्य सामने आया है कि देश में ऑनलाइन बिक्री में वृद्धि की मुख्य वजह त्योहारों हैं।

इस वर्ष भी अमेजन, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील से लेकर पेटीएम मॉल समेत तमाम ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर त्योहारी बिक्री के विशेष आयोजन किए गए हैं। अब तक हुई त्योहारी बिक्री के आधार पर स्नैपडील का मानना है कि उसके 75 प्रतिशत से अधिक ऑर्डर गैर मेट्रो शहरों से आ रहे हैं जो पिछले साल के मुकाबले काफी अधिक है।

रिसर्च फर्म रेडसीयर कंसल्टिंग के अनुसार पिछले पांच साल में भारत में ई-कॉमर्स बाजार के विकास का श्रेय त्योहारों पर होने वाली बिक्री को ही जाता है। इनकी कुल बिक्री में त्योहारी बिक्री की अनुपात छह गुना हो गया। यह अनुपात 0.7 फीसद से बढ़कर 3.2 फीसद हो गया है। एक अन्य रिसर्च फर्म फारेस्टर की हालिया रिपोर्ट कहती है कि टियर-2 बाजारों में यह वृद्धि 600 फीसद से ज्यादा रही है। इस वृद्धि में मोबाइल फोन ने अहम भूमिका निभायी है। रिपोर्ट के मुताबिक टियर-3 शहरों में आधे ऑनलाइन ग्राहक अपने फोन से ही शॉपिंग कर रहे हैं। जबकि टियर-1 शहरों में सिर्फ एक तिहाई ग्राहक ही ऑनलाइन खरीदारी के लिए फोन का इस्तेमाल करते हैं।

स्नैपडील के प्रवक्ता का कहना है कि ऑनलाइन शॉपिंग में भी अलग-अलग वेबसाइट पर अलग तरह के ग्राहक जा रहे हैं। मसलन स्नैपडील के प्लेटफार्म का इस्तेमाल ग्राहक ऐसे उत्पादों की खरीद के लिए कर रहे हैं जो उनके व्यक्तिगत उपयोग की हैं। जबकि अधिकांश ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर बड़े इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों और मोबाइल फोन की खरीदारी हो रही है। 

बाजार के जानकारों का मानना है कि नॉन मेट्रो शहरों के ग्राहकों को ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर उपलब्ध बड़े ब्रांड, डेबिट व क्रेडिट कार्ड पर ईएमआइ की सुविधा और व्यक्तिगत ऑफर व आसान फाइनेंस स्कीमों ने आकर्षित करने में अहम भूमिका निभायी है।