उपभोक्ता देशों के हितों की अनदेखी संभव नहीं

नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने कहा है कि आठ देशों को ईरान से कच्चा तेल खरीदने की अमेरिकी मंजूरी से सिद्ध हो गया है कि खपत करने वाले देशों के हितों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री निरंतर इस बात को कहते रहे हैं कि खपत करने वाले देशों के हित सर्वोपरि हैं। ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध पांच नवंबर से लागू हो रहा है। अमेरिका अगले सप्ताह सोमवार को उन आठ देशों की सूची जारी करेगा, जिन्हें प्रतिबंध लागू होने के छह महीनों तक ईरान से तेल आपूर्ति की छूट मिलेगी। सूत्रों के मुताबिक इनमें भारत का नाम शामिल है।

प्रधान ने कहा कि अमेरिका से मिली इस मंजूरी का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। उनके इस अभियान से न केवल भारत को कच्चे तेल की सप्लाई सुनिश्चित हुई, बल्कि कई अन्य देशों को भी इसका लाभ हुआ है। ईरान से तेल लाने का ब्यौरा पूछे जाने पर प्रधान ने कहा यह जल्द तय हो जाएगा।

आइटी मंत्रालय के सीएससी और तीन पेट्रोलियम मार्केटिंग कंपनियों के बीच शनिवार को कॉमन सर्विस सेंटर के जरिेये एलपीजी सिलेंडर के वितरण को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इस अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद और पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी उपस्थित थे।

उज्ज्वला योजना के 80 फीसद लाभार्थियों ने कराया रीफिल: पेट्रोलियम मंत्री ने उन आरोपों को निराधार करार दिया जिसमें कहा गया है कि उज्ज्वला योजना में पहला सिलेंडर लेने के बाद कोई दूसरा सिलेंडर नहीं लेता है या उसे रीफिल नहीं कराता। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत पौने छह करोड़ कनेक्शन दिए गए हैं और इसमें से 80 फीसद तक रीफिल हो रहा है। यही नहीं, इसमें साल में न्यूनतम चार सिलेंडर तक रीफिल हो रहे हैं। कॉमन सर्विस सेंटर के जरिये एलपीजी सिलेंडरों के वितरण के संबंध में सीएससी और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के बीच हुए एमओयू के मौके पर उन्होंने कहा कि देश में एलपीजी ग्राहकों को लेकर सरकार संजीदा है। पिछले दिनों की तुलना में सब्सिडी बढ़ी है। यह करीब 55 रुपये प्रति सिलेंडर तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि अब एलपीजी सिलेंडरों के वितरण से सीएससी के ग्रामीण उद्यमी भी मुनाफा अर्जित कर पाएंगे।